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पीएम नरेंद्र मोदी फ़िल्म के निर्माताओं को दिल्ली के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी ने आचार संहिता के उल्लंघन पर जारी किया नोटिस


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक १७वे लोकसभा चुनाव के पहले चरण से कुछ दिन पहले ५ अप्रैल को प्रदर्शित होने जा रही है।

Our Correspondent

भारत के विद्यमान प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित ओमंग कुमार बी की बायोपिक पीएम नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन की उलझने बढ़ती जा रही हैं। चुनावी प्राधिकरण अधिकारियों ने फ़िल्म के प्रदर्शन को लेकर नोटिस जारी किया है।

वेबसाइट द वायर डॉट इन के अनुसार फ़िल्म के निर्माताओं तथा राजधानी के कुछ अखबारों को फ़िल्म के विज्ञापन को छापने पर नोटिस जारी किया गया है।

देश के १७वे लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ १० मार्च से आचार संहिता लागू हो चुकी है। आचार संहिता के अनुसार किसी भी राजकीय विज्ञापन को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मिडिया पर जारी करने से पहले उसे मिडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमिटी के ज़रिये प्रमाणित करना अनिवार्य है।

"अगर कोई भी अप्रमाणित राजकीय या सरोगेट विज्ञापन जारी किया जाता है, तो वो आचार संहिता का उल्लंघन हैं। जिन्होंने भी ऐसा किया है उन्हें उनका पक्ष रखने का मौका दिया गया है," दिल्ली के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया न्यूज़ एजेंसी से कहा।

रणबीर सिंह ने एजेंसी को यह भी बताया के वे इस घटना की जांच कर रहे हैं और चुनाव आयोग को इस विषय में कौनसे कदम उठाने चाहिए इस बारे में भी सुझाव देंगे।

पूर्व दिल्ली के रिटर्निंग अफसर के महेश ने द वायर को बताया के भविष्य में चुनाव आयोग चुनाव के दौरान प्रदर्शित होनेवाली राजकीय फ़िल्मों के बारे में गाइडलाइन्स तैयार कर सकती है। कॉंग्रेस, डीएमके और एनसीपी के साथ कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के पास अपने आक्षेप को दर्ज़ किया है।

साथ ही, ४७ निवृत्त लोकसेवा कर्मचारियों ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पत्र लिखा है के संबंधित फ़िल्म के प्रदर्शन पर चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने तक रोक लगा दी जाए क्यूंकि इस फ़िल्म द्वारा प्रधानमंत्री तथा सत्ता पक्ष का प्रचार बड़े पैमाने पर होगा।

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