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मैं खुश थी के 'घर मोरे परदेसिया' गाने में माधुरी दीक्षित के साथ मुझे नाचना नहीं पड़ा – आलिया भट्ट


गाने के मेकिंग में आलिया ने बताया के इस गाने में अभिनेत्री और डान्सर माधुरी दीक्षित के साथ काम करने को लेकर वे कितनी अस्वस्थ थीं।

Keyur Seta

अभिषेक वर्मन की फ़िल्म कलंक का गाना 'घर मोरे परदेसिया' इसके भव्य दृश्यांकन के कारण आपके दिमाग में बस जाता है। यह शास्त्रीय संगीत पर आधारित गाना इसके संगीत तथा श्रेया घोषाल की मधुर आवाज़ के कारण मन को मोह लेता है।

कलंक आलिया भट्ट की एक ऐसी फ़िल्म है जहा वे पहली बार माधुरी दीक्षित के साथ काम कर रही हैं।

गाने के मेकिंग में आलिया ने बताया के इस गाने में अभिनेत्री और डान्सर माधुरी दीक्षित के साथ काम करने को लेकर वे कितनी अस्वस्थ थीं। "इस गाने को लेकर मैं काफ़ी अस्वस्थ थी। मैंने कभी कथक नहीं सीखा है। माधुरी मैम भी इस गाने में थीं। मैं खुश हूँ के वे मेरे साथ नाच नहीं रही थीं क्यूंकि मैं नहीं जानती उस वक़्त क्या होता," आलिया ने कहा।

गाने के बारे में बताते हुए माधुरी दीक्षित ने कहा, "मेरे और आलिया के बीच का रिश्ता इस गाने में उभरकर आता है। इसे बड़ी कलात्मकता से शूट किया गया है, फिर वो इसमें गाया गया भजन ही क्यों न हो।"

इस गाने में हीरामंडी शहर में राम नवमी का उत्सव मनाया जा रहा है। "आलिया हीरामंडी में पहली बार आयी हैं। यहाँ की सड़कों पर रामायण की कहानी को खेला जा रहा है," कोरिओग्राफर रेमो डिसूज़ा ने बताया।

गाने में वरुण धवन के किरदार ज़फर आलिया भट्ट को देख कर उनमे खो जाता है। गाने की इस छोटी अवधी में रामायण की कहानी को नाटक के रूप में रास्ते पर दर्शाया गया है।

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