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आलोकनाथ को ग़लत तरीकेसे फँसाया गया, ऐसा भी हो सकता है – मुंबई कोर्ट की टिपणी


न्यायाधीश एस एस ओझा ने कहा के ऐसा हो सकता है के याचिकाकर्ता विनता नंदा ने अपने फ़ायदे के लिए याचिका दाख़िल कराई हो। 

Our Correspondent

अभिनेता आलोकनाथ की ज़मानत अर्ज़ी को मान्य करते हुए दिंडोशी सेशन्स कोर्ट ने कहा के याचिकाकर्ता विनता नंदा ने उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने में इतना लंबा समय लिया के इससे ये कहा जा सकता है के वे अपने फ़ायदे के लिए ऐसा कर रहीं हैं। ६२ वर्षीय अभिनेता आलोकनाथ को इस केस के चलते शनिवार को अग्रिम ज़मानत मंज़ूर की गयी।

डीएनए पत्रिका के अनुसार ५ तारीख़ को एस एस ओझा द्वारा दिए गये इस आदेश में नंदा द्वारा शिकायत दर्ज कराने में किये गये विलंब को मुद्दा बनाया गया।

पत्रिका में कोर्ट के आदेश को पुनर्लिखित किया गया है वो इस प्रकार है, "कोर्ट आदेश नुसार याचिकाकर्ता को पूरी घटना याद है मगर घटना की दिन और तारीख़ याद नहीं। इन बातो को ध्यान में रख़कर इस शक्यता को नकारा नहीं जा सकता हैं के आरोपित व्यक्ति को ग़लत तरीकेसे अपराध में फ़साने की कोशिश की गयी हो।”

२१ नवम्बर २०१८ को टेलीविजन निर्माती नंदा ने दर्ज की हुयी शिकायत के अनुसार पुलिस ने आलोकनाथ के ऊपर बलात्कार का आरोप लगाया था। लेखिका और निर्देशिका भी रही नंदा ने आरोप किया था के २० वर्ष पूर्व आलोकनाथ ने उनको मानसिक रूप से परेशान किया और फिर उनका बलात्कार किया।

नंदा ने ये बार बार कहा था के उन्होंने २० वर्ष पूर्व १९९८ में अपने मित्र तथा परिवार की सलाह पर इस बात की कोई शिकायत दर्ज नहीं की थी। उनके अनुसार आलोकनाथ उस वक़्त इंडस्ट्री में बहोत शक्तिशाली थे। 

नंदा के बाद पांच और औरतो ने आलोकनाथ के विरुद्ध ऐसी ही गैरवर्तन की बात की थी।

शिकायत के लिए किये गये विलंब को दर्शाते हुए आदेश में लिखा है, "अगर एफआयआर दर्ज करने में विलंब होता है तो तत्परता के फायदों से वो दूर हो जाती है, केस को नये रंग चढ़ने का ख़तरा बढ़ता है, बढ़ाचढ़ा कर रखी गयी बाते या मनगढ़ंत कहानिया जो की बहोत सारी चर्चा और वाद विवादों से उभरकर आती है, उनसे ख़तरा बढ़ता है।”

न्यायाधीश ने इस बात को भी अधोरेखित किया के आलोकनाथ ने नंदा को केस फाइल करने से रोकने या धमकी देने का प्रयास नहीं किया है। पर न्यायाधीश ने नंदा को अप्लीकेंट बताया है जबकि वो आलोकनाथ की ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई दे रहे थे।

प्रॉसिक्यूशन जो विनता नंदा के पक्ष से लड़ रहे थे, उन्होंने कोर्ट को बताया के आलोकनाथ १९९८ के तारा धारावाहिक के सेट पर कई बार शराब पीकर आते थे। जब नंदा ने उन्हें प्रोग्राम से हटा दिया तो वो शराब के नशे में नंदा के घर आते और उन्हें परेशान करते थे।         

अभिनेता आलोकनाथ ने १४ दिसंबर २०१८ को ज़मानत की अर्ज़ी दी थी। 

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