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आनंदी गोपाल ट्रेलर – १९वे शतक का एक दांपत्य उस समय के सामाजिक और धार्मिक बंधनों को तोड़ रहा है


उस समय के सामाजिक मान्यताओं के विरोध में आनंदी और गोपाल के संघर्षो की झलक फ़िल्म के पहले ट्रेलर में नज़र आ रही है। 

Keyur Seta

देखा जाए तो वैलेंटाइन डे (14 फरवरी) ये दिन रोमैंटिक फ़िल्मों के प्रदर्शन के लिए उचित हो सकता है। निर्देशक समीर विद्वांस भी अपनी लव स्टोरी, आनंदी गोपाल, को लेकर १५ फरवरी को आ रहे हैं।

पर ये लव स्टोरी दो व्यक्तित्वों के निजी जीवन तक सिमित नहीं है। उन दोनों की प्रेम कहानी से भारत में लड़कियों की शिक्षा को लेकर एक प्रकार के सौम्य क्रांति की शुरुआत हुई थी।

आनंदी गोपाल ये आनंदी गोपाल जोशी (भाग्यश्री मिलिंद) की कहानी है जिन्हें भारत की प्रथम महिला डॉक्टर माना जाता है। उनका जन्म १८६५ में हुआ था और बहुत छोटी उम्र में उनकी शादी हुई थी। अपनी पत्नी की शिक्षा के दृढ़ निश्चय के कारण उनके पति गोपाल जोशी (ललित प्रभाकर) ने आनंदी को निर्भयता से सीखने के कई मार्ग खुले किये और उससे कई सामाजिक बंधनो को तोडा जा सका। 

उस समय के सामाजिक मान्यताओं के विरोध में आनंदी और गोपाल के संघर्षों की झलक फ़िल्म के पहले ट्रेलर में नज़र आ रही है। हम यह भी देखते हैं के गोपाल कैसे बलपूर्वक आनंदी को उनकी शिक्षा को गंभीरतापूर्वक लेने के लिए समझाते हैं।

फ़िल्म में यह भी दर्शाया गया है के सामाजिक बंधनों की भांति इस दांपत्य ने उस समय के धार्मिक मान्यताओं को तोड़ने का काम भी किया। आनंदी उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जा सके इसलिए यह दांपत्य ख्रिस्ती धर्म और ख्रिस्ती नामों का स्वीकार करने के लिए भी तैयार हो जाता है। ‘जो देश मुझे मेरे धर्म के साथ नहीं स्वीकारता, वो देश मुझे स्वीकार नहीं,’ यह संवाद काफ़ी प्रभावी है।

इस बेहतरीन ट्रेलर के कारण फ़िल्म से भी अच्छी उम्मीदें की जा सकती हैं। देखिए ट्रेलर।   

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