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सी आर पी एफ जवान के अंत्यविधि पर पहुंचे प्रकाश राज को जाना पड़ा वापस, उपस्थित कुछ लोगों ने किया विरोध


अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज कर्नाटक के एक गांव में पुलवामा हमले में शहीद जवान के अंत्यविधि के लिए गए थे।

Mayur Lookhar

भारतीय जनता पक्ष और उनके राइट विंग सहयोगी दलों के विरोधक अभिनेता प्रकाश राज को मजबूरन कर्नाटक के मेल्लाहल्ली गांव से निकलना पड़ा। प्रकाश राज वहाँ पुलवामा हमले में शहीद हुए सी आर पी एफ जवान के अंत्यविधि के लिए पहुंचे थे, मगर उपस्थित कुछ लोगों ने प्रकाश राज के उपस्थिति को विरोध दर्शाया।

14 फरवरी को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आत्मघातकी हमले में शहीद हुए जवानों में से एक सेन्ट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (सी आर पी एफ) के जवान गुरु के अंत्यविधि के लिए अभिनेता प्रकाश राज मेल्लाहल्ली आये थे।

के एम डोड्डी विभाग में प्रकाश राज अपने भाषण में ये आवाहन कर रहे थे के इस समय आपसी तकरार को दूर रख़ते हुए लोगों ने शांति बरक़रार रखनी चाहिए और देश के नेतृत्व के साथ एकसाथ खड़ा होना चाहिए।

"इस दुःखद समय में हमें एक दूसरे के आपसी तनाव को दूर रखना चाहिए," प्रकाश राजने कहा। "अगर कोई दुश्मन हम पर हमला करता है, तब नागरिकों की ज़िम्मेदारी बनती है के सभी आपसी तनाव भूलकर एक हों, एक देश की भांति सोचें और एकसाथ खड़े रहें और हमारे नेतृत्व को अपना समर्थन दें।"

इसी समय उपस्थित भीड़ से कुछ लोगों ने उन्हें प्रश्नोंसे तंग करना शुरू किया। "जब कोई दुर्घटना होती है तभी ये सब मत कहिये, ऐसा रोज़ ही कहना चाहिए," भीड़ में खड़े किसी आदमीने कहा।

प्रकाश राज ने उन प्रश्नकर्ताओं को समझाने की कोशिश की के वे हर रोज़ किसानों के मुद्दों को लेकर बात करते हैं, पर उन्हें उनकी बात पूरी नहीं करने दी गयी।

उपस्थित इन लोगों ने ज़ोर ज़ोरसे घोषणाएं देना शुरू कर दिया और मंच की तरफ बढ़ने लगे। उनमे से एकने प्रकाश राज के हाथ से माइक छीन लिया और कुछने उन्हें धक्का देने की कोशिश भी की। पुलिस और अभिनेता के सुरक्षा रक्षकों ने उन्हें वहाँ से सुरक्षित बाहर निकाला।

निचे इस घटना के दो विडिओ देखें।

 

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