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गली बॉय का 'आज़ादी' गाना – सामाजिक और राजनीतिक अन्यायसे रणवीर सिंह को चाहिए आज़ादी


डब शर्मा के ओरिजिनल ट्रैक में जातिभेद और तिरस्कार की राजनीती पर हल्ला बोल किया था। इस नए गाने को गली बॉय की कहानी और इसके मुख्य किरदार मुराद शेख की निराशा के तर्ज पर रचा गया है।

Mayur Lookhar

गली बॉय के प्रदर्शन को बस कुछ दिन ही बचे हैं और इस फ़िल्म के निर्माताओंने फ़िल्म के 'आज़ादी' गाने का विडिओ सामने लाया है।

डब शर्मा के 'आज़ादी' गाने का ये नया वर्जन है। शर्मा और डिवाइन गली बॉय के इस नए गाने के लिए एक साथ आये हैं।

डब शर्मा के ओरिजिनल ट्रैक में जातिभेद और तिरस्कार की राजनीती पर हल्ला बोल किया था। इस नए गाने को गली बॉय की कहानी और इसके मुख्य किरदार मुराद शेख (रणवीर सिंह) की निराशा के तर्ज पर रचा गया है।

मुराद को सामाजिक अन्याय से आज़ादी चाहिए। वो भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था पर तंज करता है जो उस जैसे गरीबों से सिर्फ़ वोटों के लिए खेलते रहते हैं। उसकी निराशा इस हद तक बढ़ चुकी है के वो कारसे चोरी भी करने लगा है।

इस गाने में रेसिज़म, नेपोटिज़म, फेयरनेस क्रीम ब्रैंड्स, लैंड माफ़िया जैसी बातों पर भी आवाज़ उठायी गयी है। ये गाना सामाजिक और राजनीतीक व्यवस्था के अन्याय के विरोध में उठाई हुई आवाज़ है। मुराद अन्याय के पिंजरे से अपने आप को छुड़ा कर आज़ाद होना चाहता है।

डब शर्मा ने पंजाबी बोलों को लिखा है और डिवाइन ने हिंदी बोल लिखे हैं। मुराद के लिए डिवाइन की आवाज़ दी गयी है, इसलिए ये स्वाभाविक है के उनकी आवाज़ का जोर डब शर्मा से ऊपर ही नज़र आता है। आवाज़ से ज़्यादा इस गाने में दिए संदेश आपको आकर्षित करते हैं।

संगीत को ध्यान से सुने तो ओर्गिजिनल ट्रैक से ये ज़्यादा अलग नहीं है, पर गली बॉय का ये गाना ओरिजिनलसे अधिक प्रभावी लगता है।

आज़ादी ट्रैक को निचे देखें।

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