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हिंदी फ़िल्मों के लिए कैसा रहा २०१९ के पहले चरण का बॉक्स ऑफिस?


विकी कौशल अभिनीत निर्देशक आदित्य धर की फ़िल्म उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक बनी सबसे सफल फ़िल्म।

Keyur Seta

वर्ष २०१९ का पहला तिमाही चरण समाप्त हो चुका है और हिंदी फ़िल्मों के बॉक्स ऑफिस पर नज़र डालें तो पहले चरण में कुछ सफलताएं ज़रूर हासिल हुई हैं।

पिछले वर्ष ही दर्शकों ने स्पष्ट संकेत दिए थे के उन्हें सिर्फ़ अच्छी कहानियाँ पसंद आती हैं। सामान्य दर्जे की कहानियाँ और फ़िल्मों को उन्होंने साफ़ नकार दिया, फिर उन में बड़े स्टार्स ही क्यों न हो।

निर्देशक आदित्य धर की उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक यह पहले तिमाही चरण में प्रदर्शित फ़िल्म इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है। विकी कौशल अभिनीत यह फ़िल्म भारत में हुए उरी हमले के जवाब में सितम्बर २०१६ में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी स्थानों पर किए सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। किसी भी स्टार के बिना इस फ़िल्म ने अकेले भारत में रु२४३.७३ करोड़ की कमाई की।

ट्रेड विशेषज्ञ अतुल मोहन ने बताया के फ़िल्म का विषय ही इसके सफलता की एक खास वजह थी। "यह फ़िल्म सितम्बर २०१६ में भारत द्वारा पाकिस्तानी आतंकी स्थानों पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। इस विषय से भारत की जनता सीधी जुड़ गई। कौशल, जो इससे पूर्व फ़िल्म इंडस्ट्री के किनारों पर ही काम कर रहे थे, इस फ़िल्म द्वारा मुख्य धारा में आ गए," उन्होंने कहा।

११ जनवरी को प्रदर्शित हुई इस फ़िल्म ने फ़िल्म इंडस्ट्री को वर्ष की बेहतर शुरुवात दी।

जी७ मल्टीप्लेक्सेस और मराठा मंदिर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई का कहना है के आज के समय में किसी फ़िल्म को इतने दिनों तक थिएटर में रखना मुश्किल होता है। "उरी बाकि सभी फ़िल्मों से काफ़ी अलग साबित हुई। हमने इस फ़िल्म को सात से आठ सप्ताह चलाया। इन दिनों इतने समय तक किसी फ़िल्म का चलना बड़ी बात मानी जानी चाहिए। कभी कभी तो फ़िल्म तीन दिन भी चल जाए तो भी अच्छा कहा जाता है," उन्होंने हंसकर कहा।

इस चरण में गली बॉय, लुका छुपी, बदला, टोटल धमाल और केसरी जैसी फ़िल्मों ने भी सफलता हासिल की।

पहले चरण के बारे में पूछने पर अतुल मोहन ने बताया, "देखा जाए तो इस पहले चरण में सभी प्रकार की फ़िल्मों ने अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। उरी जैसी देशभक्ति वाली फ़िल्म हो, मणिकर्णिका और केसरी जैसी पीरियड फ़िल्म हो, बदला जैसी थ्रिलर, टोटल धमाल जैसी पारिवारिक कॉमेडी हो या लुका छुपी और गली बॉय जैसी युवा फ़िल्में हो, सभी ने अपनी लागत से अच्छी कमाई की है। उरी ने जनवरी में फ़िल्में न चलने की अफवाह को भी गलत साबित किया।"

देसाई ने भी इस बात से सहमति दर्शाई। "कुछ फ़िल्मों को छोड़कर बाकि फ़िल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और जो फ़िल्में सुपरहिट साबित नहीं हुई उन्होंने भी बेहतर प्रदर्शन किया है," उन्होंने कहा।

पहले चरण में ऐसी भी कुछ फ़िल्में हैं जिन्हें आलोचकों ने सराहा, मात्र बॉक्स ऑफिस पर उन्हें विशेष सफलता हासिल नहीं हुई। सोनचिड़िया और मर्द को दर्द नहीं होता ऐसी ही दो फ़िल्में हैं। देसाई ने कहा, "मैंने आखरी मौके पर मर्द को दर्द नहीं होता चलाने का निर्णय लिया क्यूंकि मिडिया ने इस फ़िल्म की काफ़ी तारीफ की थी। पर लोग फिर भी फ़िल्म देखने नहीं आए।"

उन्होंने ये भी बताया के भले ही केसरी हिट फ़िल्म साबित हो चुकी है, पर इस फ़िल्म से और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। "केसरी से हमें और अच्छी उम्मीद थी क्यूंकि यह अक्षय कुमार की फ़िल्म है। पर फ़िल्म को अपेक्षानुरूप सफलता नहीं मिल पायी," उन्होंने बताया।

एक्झिबीटर्स का ये भी मानना है के इंडियन प्रीमियर लीग (आई पी एल) की वजह से भी कई लोग फ़िल्में देखने नहीं निकलते हैं। "आई पी एल की वजह से हमें परेशानी होती ही है। वीक डेज़ में एक मैच होती है और वीकेंड में दो मैच। जंगली को इसी वजह से नुकसान हुआ। फ़िल्म अच्छी है और विद्युत जमवाल का प्रदर्शन भी प्रभावी है। पर फिर भी फ़िल्म उतनी नहीं चल रही जितनी उसे चलनी चाहिए," उन्होंने कहा।

अतुल मोहन ने पहले चरण के कुछ मज़ेदार आंकड़े बताए। उन्होंने बताया के पिछले वर्ष हिंदी फ़िल्मों ने कुल रु३,३०० करोड़ की कमाई की थी। इसके मुकाबले इस वर्ष का पहला चरण काफ़ी सफल रहा है।

"उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक, लुका छुपी, बदला, टोटल धमाल, गली बॉय, केसरी, मणिकर्णिका और ठाकरे, द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर और एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा इन फ़िल्मों की कुल कमाई मिलाई जाए तो रु१,१०० करोड़ होती है। ये २०१८ की कुल कमाई का एक तिहाई हिस्सा है। बाकि करीब २० फिल्मों के बिज़नेस को मिलाया जाए तो और रु५० करोड़ जोड़े जा सकते हैं। इसका मतलब है के 'बॉलीवुड' को इस वर्ष अच्छे बिज़नेस के लिए अच्छी शुरुवात मिली है," उन्होंने कहा।

देसाई ने दूसरे तिमाही चरण से और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की। "कलंक से अच्छी उम्मीदें रखी जा सकती हैं। देखते हैं फ़िल्म के प्रदर्शन के बाद क्या परिणाम आता है। आगे कुछ अच्छी फ़िल्मों की उम्मीद करते हैं," उन्होंने कहा।

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